Importance of DMIT Test, डी एम आई टी Test का महत्व
Importance of DMIT Test
डी एम आई टी Test का महत्व
अगर आप एक जिम्मेदार माता-पिता है तो यह लेख आपके लिए है अगर आपने यह लेख ध्यान से पढ़ा और इसके अनुसार फॉलो किया और जो मैं बात बता रहा हूं उसको सच में अप्लाई किया तो आप देखना आपकी और आपके बच्चों की जिंदगी कितनी अच्छी हो जाएगी |
मैं आज आपके सामने लेकर आया हूं बच्चों से रिलेटेड तीन बहुत बड़ी समस्याएं और अगर हमने इन समस्याओं को अभी ठीक नहीं किया, अगर अभी हम सीरियस नहीं हुए तो बहुत सारे दुष्परिणाम हमें भोगने पड़ सकते हैं | बहुत सारे बेड रिजल्ट्स तो अभी हमारे सामने आ रहे हैं लेकिन फिर भी अभी हम लोग कुछ करने को तैयार नहीं है | पहली समस्या हैं तो बच्चों का तनावग्रस्त होना | आजकल के बच्चे बहुत ही स्ट्रेस में रहते हैं और दूसरी हमारी बहुत बड़ी समस्या बच्चों के प्रति यह है बच्चों के प्रोफेशन और करियर के बारे में हर माता-पिता परेशान है और तीसरी समस्या है यह है कि आज के जमाने में बच्चों और माता-पिता के रिलेशन बहुत अच्छे नहीं है| बच्चों को माता-पिता की और माता-पिता को बच्चों की बात समझ में नहीं आती | जो मैं आपको बता रहा हूं अगर आपने फॉलो किया तो रियली आप देखना कितने जबरदस्त परिणाम आते हैं | दोस्तों अगर आज के टाइम में अगर आपका बच्चा पढ़ता नहीं है अगर आपका बच्चा ज्यादा नंबर नहीं लाता है तो आप अपने बच्चे के साथ ऐसे व्यवहार करते हैं जैसे वह बच्चा ना हो एक आतंकवादी हो | उसको मारते हैं, पीटते हैं, डराते हैं पता नहीं क्या-क्या करते हैं आपको लगता है कि यह एक सही solution है !
आपको यह जानकर बहुत ही हैरानी होगी कि आज हमारे देश में बहुत से बच्चे इसी तनाव के कारण हर वर्ष आत्महत्या कर रहे हैं | क्या जानते कि हमारे देश में जो पेरेंट्स है वह सबसे ज्यादा एजुकेशन में खर्च करते हैं आप जानते हैं कि 50 से 70% बच्चे अपने सब्जेक्ट अथवा स्ट्रीम, अपना प्रोफेशन अपनी फैमिली और अपने दोस्तों के हिसाब से चुनते हैं| आपको यह जानकर और भी हैरानी होगी कि हमारे देश में 85 परसेंट जो लोग हैं वह 35 से 40 साल की उम्र में जाकर उन्हें लगता है कि वह गलत प्रोफेशन में आ गए हैं | बताइए जब इतने सारे लोगों को 35 से 40 साल की उम्र में जाकर वह लगता है कि वह गलत प्रोफेशन में आ गए हैं तो आखिर एक बच्चा कैसे निश्चित कर सकता हैं कि वह किस प्रोफेशन में जाये?
अगर आपका बच्चा ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है, बहुत ज्यादा नंबर नहीं लाता है तो आपको लगता है कि वह इंटेलिजेंट नहीं है, स्मार्ट नहीं है | लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर बच्चे में भगवान एक टैलेंट देकर भेजता है जिसको हम God gifted Talent कहते हैं | हर बच्चे के अंदर 8 मल्टीपल इंटेलीजेंस होता है | क्या आप जानते हैं कि आपके बच्चे का जो सिखने का तरीका (Learning Pattern) क्या है ? Learning Pattern तीन तरह के होते हैं कि Auditory,Visual और Kinesthetic | अगर सही पैटर्न से ही हम बच्चे को पढायें तो उस बच्चे के 15 से 20 प्रतिशत ज्यादा नंबर आ जाएंगे| हमें अपने बच्चो की स्ट्रेंथ और weakness क्या है उसका पता नहीं होता | हम केवल बच्चे को पूरी दुनिया जैसे धकेल रही है वैसे धकेलना शुरू कर देते हैं |
क्या आपने कभी सोचा है कि एक ही क्लास, एक ही अध्यापक, एक ही उम्र के बच्चे और एक ही पैटर्न के और एक ही तरह का माहौल मिलने के बाद भी कुछ बच्चे Excellent होते है , कुछ औसत स्तर के तो कुछ कमजोर होते हैं | ऐसा क्यों होता है ? क्या आपने कभी सोचा है ? आपने कभी सोचा है कि आपके बच्चे को इतना तनाव क्यों होता है ? हमने कभी यह नहीं सोचा कि हमारे बच्चे का मन आखिर पढाई में क्यों नहीं लगता ? क्यों वह पढाई से जी चुराता है ?
अच्छा अब मैं आपको कुछ नाम बताता हूँ जिन्होंने बहुत अधिक पढाई नहीं की लेकिन वे अपने क्षेत्र के सुपर स्टार हैं | धीरूभाई अंबानी जो रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक है उनकी एजुकेशन ट्वेल्थ पास है, रितेश अग्रवाल जो कि OYO Rooms के फाउंडर है उनकी एजुकेशन ट्वेल्थ पास है, स्टीव जॉब्स जो एप्पल के फाउंडर है वह B.Tech. ड्रॉप आउट हैं, बिलगेट्स जो माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर है B.Tech. ड्रॉप आउट हैं, माइकल डेल जो कि Dell टेक्नोलॉजी के फाउंडर है, ट्वेल्थ क्लास पास हैं, इन सबके अलावा Whatsapp, Uber, Facebook,Twitter इत्यादि के फाउंडर भी शामिल हैं जिन्होंने बहुत अच्छी academic पढाई नहीं की लेकिन आज वे सफलता के शिखर पर हैं और जानते हैं इसका रीजन क्या है? इसका रीजन यह है कि इन सब लोगों ने अपने अंदर अपने In Born Talent को पहचाना और उस टैलेंट को ही इन्होंने अपना Passion बना कर उसको प्रोफेशन में कन्वर्ट किया और आज वह इतने बड़े स्टार हैं |
मैं आपको बताना चाहता हूं कि अगर हमने अपने बच्चों की (Inborn Quality)जन्मजात प्रतिभा क्वालिटी, Inborn Talent को पहचाना और उसके अनुसार अपने बच्चो को रास्ता दिखाया, मार्गदर्शन किया, करियर की लाइन दी तो देखिए आपके बच्चे क्या कर जाएंगे ! अब सबसे बड़ा सवाल दोस्तों यह उठता है कि आखिर हमें कैसे पता चले कि हमारे बच्चे के अंदर Inborn Talent या गॉड गिफ्ट टैलेंट क्या है ? हमें कैसे पता लगे कि हमारे बच्चे का Inborn Talent क्या है तो इसका जवाब है DMIT TEST. यही वो टेस्ट है जो बच्चे के फिंगरप्रिंट से लिया जाता है और यह टेस्ट हमारे बच्चे के बारे में यह बताता है की उसकी स्ट्रेंथ क्या है, उसकी weakness क्या है ? बच्चे में कितनी multiple intelligences हैं ? बच्चे की personality क्या है ? बच्चे को किस subject में जाना चाहिये, किस profession में, किस stream में जाना चाहिये | इन सारी समस्याओं का समाधान यह टेस्ट है |
जब एक बच्चा मां के गर्भ में पलता है तो 13 वे सप्ताह से 21 वे सप्ताह के बीच बच्चे के ब्रेन का विकास होता है और ठीक उसी समय बच्चे के फिंगरप्रिंट्स का भी विकास होता है | वैज्ञानिकों ने अपनी स्टडी में यह पाया है कि जिन बच्चों के ब्रेन का विकास ठीक से नहीं हुआ उनके फिंगरप्रिंट्स भी develop नहीं हो पाते हैं | इसका अर्थ यह है कि ब्रेन और फिंगरप्रिंट्स के विकास में co relation होता है | दुनिया में लगभग 160 से अधिक देशों में इस टेस्ट का उपयोग बच्चो की करियर काउंसलिंग और करियर selection करने में किया जाता है |





Leave a Comment